Thursday, May 13, 2010

यहाँ शब्द बिकते हैं!






बाबु जी यहाँ शब्द बिकते हैं
ये शब्दों का मेला है,


मैंने भी दुकान सजा रक्खी है 
मेरे भी शब्द देखो 
ज़रा रूककर 
प्रेम संवेदना सब कुछ है इनमे,


देखो तो ज़रा रूककर
किस खूबसूरती से मैंने
शब्दों को सजा रक्खा है
और फिर दाम भी तो ज्यादा नहीं है
सिर्फ प्रशंशा के दो चार शब्द दे जाना,


बाबु जी यहाँ शब्द बिकते हैं
ये शब्दों का मेला है,


एक बात बता देता हूँ मैं 
की ये शब्द सिर्फ शब्द ही हैं
इनके गूढ़ अर्थों में ना जाना
हो सकता है की आप
इसके अर्थ के चक्कर में 
इन्हें खरीद लो 
और फिर पछताओ,


सच कहता हूँ बाबु जी
धोखा या फरेब नहीं करता
ये सिर्फ सुन्दर से शब्द हैं
एक धुलाई के बाद 
रंग उड़ जाए
तो मुझे दोष ना देना!  


बाबु जी यहाँ भी आओ 
मैंने भी दुकान सजा रक्खी है!
बड़े सुन्दर शब्द हैं मेरे
कुछ पल के लिए ही सही 
आप भी सजा सकते हो अपने घर को
मेरे इन शब्दों से,


लेकिन एक बात समझ लेना बाबु जी 
इन शब्दों की कोई गारंटी नहीं है!


क्योंकि 
बाबु जी यहाँ शब्द बिकते हैं 
ये शब्दों का मेला है!

23 comments:

  1. हमेशा की तरह आपकी रचना जानदार और शानदार है।

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  2. ऐसी कवितायें रोज रोज पढने को नहीं मिलती...इतनी भावपूर्ण कवितायें लिखने के लिए आप को बधाई.....शब्द शब्द दिल में उतर गयी...........

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  3. वाह्………………बेहद गहन अभिव्यक्ति…………………कम ही पढने को मिलती हैं ऐसी रचनायें।

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  4. कमाल की कविता

    एक बात बता देता हूँ मैं
    की ये शब्द सिर्फ शब्द ही हैं
    इनके गूढ़ अर्थों में ना जाना
    हो सकता है की आप
    इसके अर्थ के चक्कर में
    इन्हें खरीद लो
    और फिर पछताओ,



    दो चार नहीं भाईजी........................हज़ारों शब्द कुर्बान हैं आपकी इस कविता पर प्रशंसा के लिए...

    सचमुच आपने धन्य कर दिया


    ऐसी तल्ख़ कविता के सृजन पर मुबारकबाद,,,,,,,,,,,,,,,,,

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  5. वाह साहब.. गीतफर्रोश याद आ गया.. ब्लॉग का नया रूप और आपकी तस्वीरें देखकर भी अच्छा लगा.

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  6. WAH BAHUT ACCHHA LIKHA AAPNE BILKUL EK NANHE NIRMAL MAN KI BAAT JAISE JYU KI TYU SHABDO ME UTAR DI HO. BAHUT KHOOBSURAT.

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  7. waah nilesh ji ek jaandaar aur dhaardaar prastuti...

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  8. नीलेस बाबू!! आज त आप करेजा काढ लिए हमरा.. स्व. भवानी प्रसाद मिश्र (भवानी दादा) के “जी हाँ हुजूर मैं गीत बेचता हूँ” का याद ताज़ा कर दिए. दमदार !!

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  9. बाबु जी यहाँ शब्द बिकते हैं
    ये शब्दों का मेला है!

    Beautiful and emotional poem

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  10. धन्यवाद आप ने महात्व पूर्न टिप्पनी दी . आप की कविताए पसन्द आई.

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  11. वाह ...शब्दों का मेला.....शब्द बिक रहे हैं.....पर इतनी सामर्थ्य कहाँ जो खरीद सकें.....कवि मन की व्यथा को खूबसूरती से उकेरा है....

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  12. क्योंकि
    बाबु जी यहाँ शब्द बिकते हैं
    ये शब्दों का मेला है!.....
    जानदार और शानदार

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  13. "जीवन में बहुत कम लोग मिले हैं जिनसे अपना दुःख दर्द बाँट सकूँ"

    वो इतना खुलके हँसा था की मै रो दिया होता
    गर में उसकी हकीक़त ना जानता होता ..

    neerakela@gmail.com
    9313292896

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  14. सच कहता हूँ बाबु जी
    धोखा या फरेब नहीं करता
    ये सिर्फ सुन्दर से शब्द हैं
    एक धुलाई के बाद
    रंग उड़ जाए
    तो मुझे दोष ना देना!
    .
    बहुत अच्छा लिखा है आपने

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  15. khoob likha hai bohot accha laga yeh pad kar aapse mil kar behad khusi hui...

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  16. शब्दों की बहुत अच्छी सेल्समैनी की है आपने
    पक्का है बिक जायेंगे
    लेकिन खबरदार भाव मत गिराईयेगा

    मगर सोच अच्छी लगी

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  17. महिलाओं में श्रेष्ठ ब्लागर कौन- जीतिए 21 हजार के इनाम
    पोस्ट लिखने वाले को भी मिलेगी 11 हजार की नगद राशि
    आप सबने श्रेष्ठ महिला ब्लागर कौन है, जैसे विषय को लेकर गंभीरता दिखाई है. उसका शुक्रिया. आप सबको जलजला की तरफ से एक फिर आदाब. नमस्कार.
    मैं अपने बारे में बता दूं कि मैं कुमार जलजला के नाम से लिखता-पढ़ता हूं. खुदा की इनायत है कि शायरी का शौक है. यह प्रतियोगिता इसलिए नहीं रखी जा रही है कि किसी की अवमानना हो. इसका मुख्य लक्ष्य ही यही है कि किसी भी श्रेष्ठ ब्लागर का चयन उसकी रचना के आधार पर ही हो. पुऱूषों की कैटेगिरी में यह चयन हो चुका है. आप सबने मिलकर समीरलाल समीर को श्रेष्ठ पुरूष ब्लागर घोषित कर दिया है. अब महिला ब्लागरों की बारी है. यदि आपको यह प्रतियोगिता ठीक नहीं लगती है तो किसी भी क्षण इसे बंद किया जा सकता है. और यदि आपमें से कुछ लोग इसमें रूचि दिखाते हैं तो यह प्रतियोगिता प्रारंभ रहेगी.
    सुश्री शैल मंजूषा अदा जी ने इस प्रतियोगिता को लेकर एक पोस्ट लगाई है. उन्होंने कुछ नाम भी सुझाए हैं। वयोवृद्ध अवस्था की वजह से उन्होंने अपने आपको प्रतियोगिता से दूर रखना भी चाहा है. उनके आग्रह को मानते हुए सभी नाम शामिल कर लिए हैं। जो नाम शामिल किए गए हैं उनकी सूची नीचे दी गई है.
    आपको सिर्फ इतना करना है कि अपने-अपने ब्लाग पर निम्नलिखित महिला ब्लागरों किसी एक पोस्ट पर लगभग ढाई सौ शब्दों में अपने विचार प्रकट करने हैं। रचना के गुण क्या है। रचना क्यों अच्छी लगी और उसकी शैली-कसावट कैसी है जैसा उल्लेख करें तो सोने में सुहागा.
    नियम व शर्ते-
    1 प्रतियोगिता में किसी भी महिला ब्लागर की कविता-कहानी, लेख, गीत, गजल पर संक्षिप्त विचार प्रकट किए जा सकते हैं
    2- कोई भी विचार किसी की अवमानना के नजरिए से लिखा जाएगा तो उसे प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जाएगा
    3- प्रतियोगिता में पुरूष एवं महिला ब्लागर सामान रूप से हिस्सा ले सकते हैं
    4-किस महिला ब्लागर ने श्रेष्ठ लेखन किया है इसका आंकलन करने के लिए ब्लागरों की एक कमेटी का गठन किया जा चुका है. नियमों व शर्तों के कारण नाम फिलहाल गोपनीय रखा गया है.
    5-जिस ब्लागर पर अच्छी पोस्ट लिखी जाएगी, पोस्ट लिखने वाले को 11 हजार रूपए का नगद इनाम दिया जाएगा
    6-निर्णायकों की राय व पोस्ट लेखकों की राय को महत्व देने के बाद श्रेष्ठ महिला ब्लागर को 21 हजार का नगद इनाम व शाल श्रीफल दिया जाएगा.
    7-निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा.
    8-किसी भी विवाद की दशा में न्याय क्षेत्र कानपुर होगा.
    9- सर्वश्रेष्ठ महिला ब्लागर एवं पोस्ट लेखक को आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए आने-जाने का मार्ग व्यय भी दिया जाएगा.
    10-पोस्ट लेखकों को अपनी पोस्ट के ऊपर- मेरी नजर में सर्वश्रेष्ठ ब्लागर अनिवार्य रूप से लिखना होगा
    ब्लागरों की सुविधा के लिए जिन महिला ब्लागरों का नाम शामिल किया गया है उनके नाम इस प्रकार है-
    1-फिरदौस 2- रचना 3-वंदना 4-संगीता पुरी 5-अल्पना वर्मा- 6 –सुजाता चोखेर 7- पूर्णिमा बर्मन 8-कविता वाचक्वनी 9-रशिम प्रभा 10- घुघूती बासूती 11-कंचनबाला 12-शेफाली पांडेय 13- रंजना भाटिया 14 श्रद्धा जैन 15- रंजना 16- लावण्यम 17- पारूल 18- निर्मला कपिला 19 शोभना चौरे 20- सीमा गुप्ता 21-वाणी गीत 21- संगीता स्वरूप 22-शिखाजी 23 –रशिम रविजा 24- पारूल पुखराज 25- अर्चना 26- डिम्पल मल्होत्रा, 27-अजीत गुप्ता 28-श्रीमती कुमार.
    तो फिर देर किस बात की. प्रतियोगिता में हिस्सेदारी दर्ज कीजिए और बता दीजिए नारी किसी से कम नहीं है। प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तारीख 30 मई तय की गई है.
    और हां निर्णायकों की घोषणा आयोजन के एक दिन पहले कर दी जाएगी.
    इसी दिन कुमार जलजला का नया ब्लाग भी प्रकट होगा. भाले की नोंक पर.
    आप सबको शुभकामनाएं.
    आशा है आप सब विषय को सकारात्मक रूप देते हुए अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएंगे.
    सबका हमदर्द
    कुमार जलजला

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  18. बढ़िया रचना! कई प्रश्न लिए जा रहा हूँ.

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  19. टिप्पणी देने के लिए शब्द कम पड़ गए.. और खरीदने की औकात नहीं माथुर जी।

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NILESH MATHUR

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