Saturday, September 24, 2011

मैंने भी जीना सीख लिया

आज सिर्फ दो पंक्तियाँ ................

मैंने भी जीना सीख लिया
हालाहल पीना सीख लिया ।


8 comments:

  1. जो हलाहल पि ले तो उसे तो जीना आ ही जायेगा ... सुन्दर

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  2. फिर इसके बाद डर कैसा !

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  3. अब भूल तो नहीं जायेंगे...

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  4. आपको मेरी तरफ से नवरात्री की ढेरों शुभकामनाएं.. माता सबों को खुश और आबाद रखे..
    जय माता दी..

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NILESH MATHUR

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