Sunday, October 11, 2009

एक नई सुरुआत

आज यहाँ पर अपनी भावनाएं लिखने और लोगों के साथ बांटने कि एक नई सुरुआत कर रहा हूँ , और चाहता हूँ कि लोग मुझे और मैं लोगों को समझूँ ! मैं इस धरती पर ज़मीं से जुदा हुआ एक अदना सो इंसान हूँ, लेकिन ज़रूरत से ज्यादा भावुक हूँ, छोटी सी बात पर रो पड़ता हूँ और खुश होने पर भी आँख से आंसू बहने लगते हैं, चाहता हूँ कि जीवन में किसी के दिल को मेरी वज़ह से ठेस न पहुचे, किसी को मेरी वज़ह से यदि ठेस पहुँची हो तो माफ़ी चाहता हूँ! चाहता हूँ कि मेरे घर परिवार दोस्त और हर ज़रूरतमंद के लिए कुछ करूँ, सभी को खुशियाँ बांटू , यही मेरे जीवन का लक्ष्य है! मेरे सपने भी ज्यादा बड़े नही है, बस सब का स्नेह जीवन में मिलता रहे, और हँसते खेलते जीवन रूपी यात्रा को पुरा करूँ!

2 comments:

  1. स्वागत है आपका .....!!

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  2. बहुत ही अच्‍छी कविता लिखी है
    आपने काबिलेतारीफ बेहतरीन


    SANJAY KUMAR
    HARYANA
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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NILESH MATHUR

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