Tuesday, March 1, 2011

गणित

ज़िन्दगी
गणित के 
बहुत कठिन प्रश्न 
पूछ रही है,


और मैं 
हमेशा से 
गणित में
कमज़ोर रहा हूँ,


जोड़ बाकी 
गुणा भाग 
मेरे बस का नहीं,


मैं तो एक
साधारण सा
विद्यार्थी था! 

15 comments:

  1. जीवन का गणित तो बडे बडे गणितग्य भी नही बूझ सके। अच्छी रचना। शुभकामनाये।

    ReplyDelete
  2. गणित की कमजोरी का सबसे बड़ा लाभ यह है -बजट देख कर दुःख नहीं होगा.

    ReplyDelete
  3. जीवन के गणित में जोड़-घटाने में कब-कहां क्या गलती हो जाए..क्या कहा जा सकता है...हम थोड़े कमजोर हैं भाई....
    बजट के नाम पर फॉलो भी कर लिया है क्योकि बात जीवन के गणित की है..

    ReplyDelete
  4. जीवन के गणित का बहुत सुन्दर चित्रण किया है।

    ReplyDelete
  5. गणित चाहे कोई भी हो जीवन का या घर बजट का मुश्किल .

    ReplyDelete
  6. जीवन का गणित उल्टा है यहाँ जो वास्तव में जितना साधारण है वही असाधारण है !

    ReplyDelete
  7. ......फिर यहाँ बहुत कष्ट उठाओगे ! हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  8. nilesh jee
    namskaar !
    behad sunder behad sadhe hue shabdo me . sadhuwad
    saadar

    ReplyDelete
  9. ज़िंदगी का गुणा भाग, सचमुच कठिन है।

    ReplyDelete
  10. अरे! इतनी सी बात नही मालूम? कठिन यानि जिनका उत्तर हमे नही आता,उत्तर आ जाये तो कठिन कहाँ रहता है?
    दिल लगा कर सीखो जीवन हर जोड़,बाकी,गुना भाग को सिखाती है.
    बहुत मामूली सा गणित है इसका.जो दिया जैसा दिया,कई गुना होके मिला,मिले को सबमे विभाजित किया तो घटा नही बढ़ गया...प्यार,अपनत्व.
    ये है तो सब सवाल सरल हैं ये नही तो हर सरल सवाल भी हल नही होंगे आसानी से.और जिंदगी....अंत तक सवाल करना नही छोडती.
    बहादुरों की तरह ज़हीन शागिर्द की तरह हर सवाल का सामना करो और मुंह तोड़ जवाब दो.जिंदगी बहुत खूबसूरत है.सच्ची.

    ReplyDelete
  11. jo itna acchha likhta ho wo shadharn nhi ho skta...bhut acchhi lgi aapki kvita...

    ReplyDelete
  12. सरलता से कह दीं सरल ह्रदय की बातें ! हार्दिक शुभकामनायें !!

    ReplyDelete

NILESH MATHUR

Search This Blog

www.hamarivani.com रफ़्तार