Tuesday, November 6, 2012

पूर्णिमा का चाँद




मिनाक्षी के लिए कुछ पंक्तियाँ...... 

कभी तुम
पुर्णिमा के चाँद सी लगती हो  
और मैं
तुम्हारी शीतल चाँदनी मे बैठ
प्यार भरे गीत गुनगुनाता हूँ,
और कभी तुम  
भोर की पहली किरण बन जाती हो
और मैं
उन सुनहरी किरणों के सौन्दर्य से
मदहोश हो जाता हूँ,
सदियों तक
इसी तरह अपनी रोशनी बिखेरती रहो
मेरी इस धरा पर
और हर लम्हे को सितारों से सजाती रहो तुम....

जन्म दिन की हार्दिक शुभकामना.....     

7 comments:

  1. सुंदर भाव....मीनाक्षी जी को शुभकामनायें

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  2. मेरी इस धरा पर
    और हर लम्हे को सितारों से सजाती रहो तुम....

    बहुत सुंदर... अंतिम पंक्तियों ने मन मोह लिया....मीनाक्षी जी को शुभकामनायें !!!

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  3. भावो को संजोये रचना......

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  4. चाँद और सूरज इसी तरह आप दोनों के जीवन में उजाला भरते रहें..!

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  5. हामरी ओर से भी हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें दे दीजिएगा ... और देरी के लिए माफी दीजिएगा !

    क्यूँ कि तस्वीरें भी बोलती है - ब्लॉग बुलेटिन आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  6. मीनाक्षी जी को जन्मदिन की और आप दोनों को आपके आगामी भविष्य की ढेरों शुभकामनायें |
    सादर

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NILESH MATHUR

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