आवारा बादल
आवारा बादल हूँ मैं, कभी यहाँ तो कभी वहाँ, भटकना ही तो फितरत है मेरी.....
शनिवार, 20 नवंबर 2010
आस्था
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जब हताश हो उठता है मन तो बेजान पत्थरों में नज़र आती है उम्मीद कि किरण और फिर पूजने लगते हैं पत्थरों को देवता बनाकर!
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गुरुवार, 18 नवंबर 2010
अलविदा
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यूँ ही एक दिन चल दूंगा अलविदा कहकर तुम्हें , पर तुम निराश ना होना मेरे होने ना होने से क्या फर्क पड़ता है , सब कुछ यूँ ही चलता रहेगा ...
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रविवार, 14 नवंबर 2010
मेरा जीवन
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गिरता हूँ उठता हूँ फिर चल देता हूँ बचपन से लेकर अब तक बार बार यही सिलसिला, बचपन में थामने के लिए हाथ हुआ करते थे अब गिरने पर खुद ही सम्हलना ...
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बुधवार, 10 नवंबर 2010
मुक्तिदाता
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मैं पथिक एकांत पथ पर चला जा रहा था हर तरफ कोहरे का साम्राज्य, एक दिन पत्तों पर अपने ओसकण छोड़ कर कोहरा हटा और मुझे दिखी उस पथ की सुन्...
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बुधवार, 3 नवंबर 2010
ये कैसी दीपावली है?
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child labour at fireworks factory आज फिर से हम दीपावली मनाएंगे जिनके घरों में चूल्हे भी नहीं जले उन्हें शर्मशार करते हुए घी के दीप ...
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मंगलवार, 26 अक्टूबर 2010
मौन
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मौन की नदी में नहा कर ही मैंने आत्मा का संगीत सुना था जिसे सुनने को मैं सदियों से तरस रहा था, और यही वो संगीत था वो मधुर संगीत जो ले ...
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गुरुवार, 14 अक्टूबर 2010
आज फिर से
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आज फिर से उठ रही है सीने में दर्द की इक लहर, आज फिर से आँखें नम हो रही है और दिल उदास है, आज फिर से माथे पर सलवटें है और चेहरे प...
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