आवारा बादल
आवारा बादल हूँ मैं, कभी यहाँ तो कभी वहाँ, भटकना ही तो फितरत है मेरी.....
शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010
अब के बरस
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और रक्त नहीं बहेगा अमन औ चैन होगा अब के बरस, रक्त रंजित इतिहास देख पाषाण ह्रदय पिघलेंगे अब के बरस, बगावत की आंधियां थमेगी उजड़े हुए...
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रविवार, 19 दिसंबर 2010
गुज़ारिश
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मेरी मौत पर आँसू मत बहाना जश्न मनाना, जिक्र जब भी हो मेरा तो मुस्कुराना, याद जब आये मेरी तो ठहाके लगाना मेरी कमी गर महसूस हो ...
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रविवार, 12 दिसंबर 2010
ये समर्पण है या नियति
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तूँ है सागर की इक लहर और मैं सागरतट, तूँ चूमती है मुझे बार बार और मैं तुझे बाहों में ले कर तेरे अस्तित्व को मिटा देता हूँ...
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शनिवार, 20 नवंबर 2010
आस्था
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जब हताश हो उठता है मन तो बेजान पत्थरों में नज़र आती है उम्मीद कि किरण और फिर पूजने लगते हैं पत्थरों को देवता बनाकर!
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गुरुवार, 18 नवंबर 2010
अलविदा
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यूँ ही एक दिन चल दूंगा अलविदा कहकर तुम्हें , पर तुम निराश ना होना मेरे होने ना होने से क्या फर्क पड़ता है , सब कुछ यूँ ही चलता रहेगा ...
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रविवार, 14 नवंबर 2010
मेरा जीवन
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गिरता हूँ उठता हूँ फिर चल देता हूँ बचपन से लेकर अब तक बार बार यही सिलसिला, बचपन में थामने के लिए हाथ हुआ करते थे अब गिरने पर खुद ही सम्हलना ...
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बुधवार, 10 नवंबर 2010
मुक्तिदाता
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मैं पथिक एकांत पथ पर चला जा रहा था हर तरफ कोहरे का साम्राज्य, एक दिन पत्तों पर अपने ओसकण छोड़ कर कोहरा हटा और मुझे दिखी उस पथ की सुन्...
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